मौलाना मदनी बोले, यह इस्लाम के खिलाफ
नई दिल्ली : जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने एक बार फिर वंदेमातरम् को विवादित गीत बताते हुए सरकार की अधिसूचना पर सवाल उठाए हैं। संगठन के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कार्यसमिति की बैठक के बाद कहा कि एक अधिसूचना के जरिए वंदेमातरम् जैसे विवादित गीत को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया गया है और भाजपा शासित राज्यों में इसका रोजाना गायन अनिवार्य किया जा रहा है। मौलाना मदनी ने आरोप लगाया कि दूसरी ओर मस्जिदों, मकबरों और मदरसों को अवैध बताकर गिराया जा रहा है और मदरसों के खिलाफ लगातार नए आदेश जारी किए जा रहे हैं, मानो वे शैक्षणिक संस्थान नहीं बल्कि गैरकानूनी गतिविधियों के केंद्र हों। उन्होंने कहा कि पहले मुसलमान निशाने पर थे, लेकिन अब इस्लाम निशाने पर है।
उन्होंने कहा कि अगर यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो संगठन अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। उन्होंने कहा कि संविधान की शपथ लेकर सत्ता में आने वालों की जिम्मेदारी है कि वे हर नागरिक के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करें।
वंदेमातरम् अनिवार्य करने के खिलाफ कोर्ट जाएगी जमात
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