नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने के प्रमुख एजेन्डे के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई ) और चार यूरोपीय देशों नीदरलैंड्स, स्वीडन, नार्वे तथा इटली की छह दिन की यात्रा पर रवाना हो गए। यात्रा में उनका सबसे अधिक जोर ऊर्जा सुरक्षा पर रहेगा। इसके अलावा वह इन देशों के साथ व्यापार, निवेश और रणनीतिक क्षेत्र में सहयोग बढाने पर भी चर्चा करेंगे। मोदी इस दौरान इन देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
प्रधानमंत्री यात्रा के पहले चरण में भारतीय समय के अनुसार दोपहर यूएई पहुंचेंगे जहां वह यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता द्विपक्षीय मुद्दों, विशेष रूप से ऊर्जा सहयोग तथा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। सूत्रों के अनुसार यूएई में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच कम से कम दो महत्वपूर्ण समझौते भी हो सकते हैं। उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न इस अनिश्चितता की स्थिति में मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा का संरक्षण करने तथा विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए मितव्ययिता की अपील की है। यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री 15 से 17 मई तक नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। वर्ष 2017 के बाद यह उनकी दूसरी नीदरलैंड यात्रा होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्ज़ेंडर और रानी मैक्सिमा से भेंट करेंगे तथा प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ वार्ता करेंगे। यात्रा के तीसरे चरण में मोदी स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर 17 से 18 मई तक स्वीडन के गोथेनबर्ग जाएंगे। प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेता व्यापार, हरित परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उभरती प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु कार्रवाई और जन-से-जन संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। दोनों प्रधानमंत्री यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री यात्रा के चौथे चरण में 18 से 19 मई तक नॉर्वे की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे, जहाँ वह तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन और द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे की पहली यात्रा होगी तथा पिछले 43 वर्षों में भारत से किसी प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा भी होगी। प्रधानमंत्री नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्या से भेंट करेंगे तथा प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे के साथ वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री भारत-नॉर्वे व्यापार एवं अनुसंधान शिखर सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। यह यात्रा व्यापार और निवेश, भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते, स्वच्छ एवं हरित प्रौद्योगिकी तथा ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 19 मई को ओस्लो में होगा। इसमें प्रधानमंत्री मोदी के साथ नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ऑर्पो, आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रून फ्रोस्टाडॉटिर तथा स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन भाग लेंगे।
UAE सहित 5 देशों की छह दिन की यात्रा पर रवाना हुए PM MODI
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