- हादसा स्थल पर फिर पहुंची सीएम, बचाव कार्य का लिया जायजा
- मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के दिए निर्देश
नई दिल्ली: सीएम रेखा गुप्ता ने सोमवार सुबह सत्य निकेतन में इमारत हादसे वाले स्थान का दोबारा दौरा किया और जारी बचाव एवं राहत अभियान का जायजा लिया। बीते रविवार को सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। सीएम ने अधिकारियों को मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश भी दिए।
सीएम ने दौरे के दौरान बचाव अभियान, सुरक्षा इंतजाम और प्रशासनिक जांच की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाह पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी, चाहे उसका प्रभाव या पद कितना भी बड़ा क्यों न हो। इमारत गिरने के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। सीएम ने बताया कि इमारत मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और गिरफ्तारी भी हुई है। इसके अलावा, लापरवाही या अन्य चूक के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को जवाबदेही तय करने और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन या लापरवाही पाए जाने पर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
हादसे के बाद बीते रविवार को सीएम घटनास्थल पर करीब तीन घंटे तक रही थीं। सोमवार सुबह वह एक बार फिर मौके पर पहुंचीं और जमीनी स्थिति का जायजा लेते हुए विभिन्न एजेंसियों द्वारा किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। हादसे से पहले इमारत की स्थिति और उसकी संरचनात्मक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सीएण ने एमसीडी के उन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जो लापरवाही, निगरानी में चूक या अन्य अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे।
सभी अवैध पांच मंजिला इमारतें तुरंत होंगी सील
सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली में बनी सभी अवैध पांच मंजिला इमारतों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ऐसी इमारतों की सूची तैयार कर रहा है और प्राथमिकता के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने पांच मंजिलवाली इमारतों को तुरंत सील करने का आदेश जारी किया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सुरक्षा नियमों के उल्लंघन, लापरवाही या किसी अन्य चूक का पता चलने पर तत्काल कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएम ने अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा उपाय करने, संभावित रूप से असुरक्षित इमारतों की पहचान करने और बिना देरी उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। दिल्ली में शुरू होने वाला यह व्यापक निरीक्षण अभियान संरचनात्मक सुरक्षा जांच को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासतौर पर उन इमारतों और प्रतिष्ठानों की जांच पर जोर रहेगा, जहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं, पढ़ते हैं, काम करते हैं या आवश्यक सेवाओं के लिए पहुंचते हैं।
पीजी वाली इमारतों के लिए सरकार लाएगी नई पॉलिसी
दिल्ली सरकार पेइंग गेस्ट आवासों के लिए नई सुरक्षा नीति लाने की योजना बना रही है। हालांकि राजधानी में पीजी को रेगुलेट करने के प्रयास 1993 से ही चल रहे हैं। दिल्ली सरकार का यह कदम सत्य निकेतन में बिल्डिंग ढहने की घटना के बाद आया है। सीएम रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार एक ऐसी नीति तैयार कर रही है, जिसके तहत पुरानी इमारतों के मालिकों को स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होगी और उनकी सुरक्षा का प्रमाण पत्र देना होगा, तभी उन्हें पेइंग गेस्ट आवास, नर्सिंग होम, स्कूल या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। सीएम रेखा गुप्ता की यह घोषणा दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पीजी वाली इमारत के ढहने के बाद हुई है। बता दें, पीजी आवासों को नियंत्रित करने की कोशिशें तीन दशक से भी ज्यादा पुरानी हैं, लेकिन उसे अभी तक अमलीजामा नहीं पहुंचाया गया है।

