कुलपतियों ने दीप जलाकर किया शुभारंभ, छात्रों को मिला मार्गदर्शन
कार्यक्रम में यूओयू व संस्कृत विश्वविद्यालय के बीच हुआ एमओयू
बहादराबाद। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्र में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) में “दीक्षारंभ कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के प्रति मार्गदर्शन देना और दूरस्थ शिक्षा के महत्व से अवगत कराना रहा। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ यूओयू के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी और संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अध्ययन केंद्र समन्वयक डॉ. सुमन भट्ट ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
प्रो. लोहनी ने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। दूरस्थ क्षेत्रों से जुड़ रहे छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 सत्र में छात्र संख्या 40 हजार से अधिक हो चुकी है। वहीं प्रो. पांडेय ने यूओयू के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था शिक्षा से वंचित वर्गों तक पहुंच बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।
कार्यक्रम में सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बृजेश बनकोटी ने छात्रों को पाठ्यक्रम, प्रवेश प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

