- तेहरान-मस्कट सुरक्षित आवाजाही बहाल करने में जुटे
- बारूदी सुरंग हटाने की चरणबद्ध योजना पर मंथन
तेहरान, एजेंसी: ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य से सीमित अवधि के लिए जहाजों की आवाजाही बहाल करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। दोनों देश एक अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर बनाने और समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने की चरणबद्ध योजना पर चर्चा कर रहे हैं। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने उम्मीद जतायी कि जल्द ही अस्थायी गलियारे और सुरक्षित समुद्री आवाजाही बहाल करने की व्यवस्था की घोषणा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रबंधन और स्थायी समाधान पर बाद में फैसला होगा। प्रस्तावित व्यवस्था आगे होने वाली बातचीत के लिए आधार तैयार कर सकती है।
ईरान के कानूनी एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि जलमार्ग खोलना तेहरान की शर्तें पूरी होने पर निर्भर करेगा। उनके अनुसार अमेरिका को ईरानी बंदरगाहों और जहाजों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटानी होगी और युद्ध समाप्त करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल नाकेबंदी हटाना पर्याप्त नहीं है। ईरान लेबनान समेत सभी मोर्चों पर स्थायी और टिकाऊ युद्धविराम चाहता है। ग़रीबाबादी के अनुसार, ईरान-ओमान की प्रस्तावित अस्थायी व्यवस्था 30 से 60 दिनों तक चल सकती है, जब तक दोनों पक्ष स्थायी मार्ग पर सहमत नहीं हो जाते। ईरान दक्षिणी शिपिंग चैनल को बंद करने पर भी जोर दे रहा है।
सुरक्षित रास्ते के लिए समुद्री खतरों पर काम
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, प्रस्तावित वैकल्पिक व्यवस्था में जहाज दोनों दिशाओं में ईरानी जलक्षेत्र से होकर गुजरेंगे। इसके साथ समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने की प्रक्रिया भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ायी जा सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें हटायी या नष्ट की जा चुकी हैं और नई सुरंगें बिछाने की कोशिश करने वाली नौकाओं के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। अमेरिका होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र मानता है और क्षेत्र में नौसैनिक गतिविधियां जारी रखे हुए है। ऐसे में प्रस्तावित गलियारे को लेकर तेहरान और वाशिंगटन के रुख में अंतर बना हुआ है।
तनाव के बीच कतर ने प्रयासों का किया समर्थन
होर्मुज को लेकर बातचीत ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए विमानन, शिपिंग, प्रौद्योगिकी, सोना और डिजिटल संपत्ति जैसे क्षेत्रों से जुड़े नये प्रतिबंध लगाए हैं। कतर ने ईरान और ओमान के प्रयासों का समर्थन किया है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल-थानी ने प्रस्तावित अस्थायी शिपिंग चैनल को लेकर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। अराघची ने कहा कि वार्ता से पड़ोसियों के साथ कूटनीति के जरिए शांति और स्थिरता के प्रति ईरान की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है। इस बीच ईरानी अधिकारियों ने संघर्ष से मिले अनुभवों के आधार पर अपनी सैन्य क्षमताएं मजबूत करने की बात भी कही है।

