बारां : राजस्थान में बारां जिले का लहसुन इस समय देशभर की मंडियों में अपनी मजबूत पकड़ बना रहा है।
दक्षिण भारत सहित गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों से मांग बढ़ने के कारण बारां कृषि उपज मंडी में लहसुन के भाव मजबूत बने हुए हैं। बेहतर दाम मिलने से किसानों और व्यापारियों में उत्साह देखा जा रहा है।
कृषि उपज मंडी के सूत्रों के अनुसार इन दिनों मंडी में रोजाना करीब दो हजार कट्टे लहसुन की आवक हो रही है। आगामी सप्ताह में यह आवक बढ़कर आठ से 10 हजार कट्टे तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। पिछले वर्ष भावों में गिरावट के कारण इस बार जिले में लहसुन का रकबा घटकर करीब 30 हजार हेक्टेयर रह गया है, जबकि गत वर्ष 38 हजार हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। इसके बावजूद खेतों में फसल की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और उत्पादकता प्रति हेक्टेयर करीब 45 क्विंटल तक आ रही है।
गुरुवार को मंडी में उंटी किस्म के लहसुन के भाव अधिकतम 14 हजार 500 रुपये प्रति क्विंटल तक रहे, जबकि औसत माल आठ से 11 हजार रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका। देशी लहसुन में बॉक्स क्वालिटी नौ से 10 हजार रुपये, फूलगोला छह से आठ हजार रुपये, लड्डू तीन हजार 500 से पांच हजार रुपये और लाटरी 2,500 से 3,500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है।
व्यापारियों के अनुसार पिछले वर्ष शुरुआती दौर में लहसुन के भाव करीब पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल तक ही सीमित थे, जबकि इस बार शुरुआती सीजन में ही भाव काफी बेहतर स्तर पर बने हुए हैं।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पहले यहां के धनिए की धाक और बासमती चावल की महक से बारां मंडी की पहचान थी। बदलते फसल चक्र परिवर्तन में सरसों और सोयाबीन ने रंग जमाया। फिर लहसुन की भी बेहतर गुणवत्ता और स्वाद के कारण बारां का लहसुन अब राष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहा है। बाहरी राज्यों से लगातार बढ़ती मांग से किसानों को अच्छा मुनाफा मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है।
बारां का लहसुन देशभर में छाया, दक्षिण, गुजरात-महाराष्ट्र तक बढ़ी मांग
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