पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), डीजीपी व जालंधर पुलिस आयुक्त से मांगा जवाब
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की सिख गुरूओं पर टिप्पणी का मुद्दा लगातार गर्माया हुआ है। अब दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने पंजाब सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को पंजाब पुलिस की कार्रवाई के मामले में 12 फरवरी तक लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और जालंधर के पुलिस आयुक्त से भी लिखित जवाब मांगा है। यह निर्देश कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ पंजाब पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर पर दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा मांगी सूचनाओं एवं दस्तावेजों को उपलब्ध न कराए जाने तथा पंजाब पुलिस अधिकारियों के आचरण से संबंधित है।
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पूरे प्रकरण की जांच पहले ही विशेषाधिकार समिति को सौंप दी है। यह प्रकरण गत 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा के सदन में दिए प्रतिपक्ष की नेता आतिशी के वक्तव्यों के संबंध में पंजाब पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी है। यह मामला एक निजी व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) और पंजाब पुलिस द्वारा विधानसभा की कार्यवाही के एक वीडियो क्लिप के छेड़छाड़ (एडिटेड या डॉक्टर्ड) किए जाने संबंधी सार्वजनिक बयानों के बाद उत्पन्न हुआ। पंजाब पुलिस अधिकारियों से प्राप्त उत्तरों एवं सचिवालय के समक्ष रखी गई सामग्री की जांच के बाद दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष ने यह निष्कर्ष निकाला है कि प्रथम दृष्टया विशेषाधिकार उल्लंघन एवं अवमानना का मामला बनता प्रतीत होता है। विशेषाधिकार समिति को संबंधित अधिकारियों और इस प्रकरण में संलिप्त पाए जाने वाले अन्य व्यक्तियों के आचरण की जांच कर नियमावली के अनुसार सदन के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने पंजाब सरकार से 12 फरवरी तक मांगा जवाब
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