दोनों चौराहों को सिग्नल फ्री करने की योजना, टेंडर जारी
नई दिल्ली: मध्य और उत्तरी दिल्ली के बीच रिंग रोड से यात्रा करने वाले यात्रियों को जल्द ही राजघाट और शांति वन क्रॉसिंग के पास जाम से छुटकारा मिल सकेगा। इन दोनों चौराहों को सिग्नल फ्री करने के लिए बैक टू बैक यू-टर्न योजना लागू की जाएगी। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर इसका ट्रायल शुरू करने की तैयारी कर रहा है। ट्रायल के सफल होने पर यू-टर्न के लिए स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए जाएंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राजघाट और शांति वन क्रॉसिंग पर 2-2 बैक टू बैक यू-टर्न बनाए जाएंगे। ट्रायल एक महीना तक चलेगा। रिंग रोड पर राजघाट और शांति वन क्रॉसिंग के पास ट्रैफिक जंक्शन पर रोजाना सुबह और शाम व्यस्त समय के दौरान वाहनों की लंबी कतार देखी जा सकती है। बैक टू बैक यू-टर्न का निर्माण पर्यावरणीय मानदंडों का पालन करते हुए किया जाएगा, ताकि यात्रियों को ज्यादा परेशानी न हो। बता दें कि यहां समाधि स्थलों के चलते वीआईपी मूवमेंट भी ज्यादा है। राजघाट समाधि स्थल का क्षेत्र 240 एकड़ में फैला है। यहां पर कुल मिलाकर 16 समाधियां हैं। यहां सबसे अंंत में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की समाधि सदैव अटल के नाम से बनी है। जबकि सबसे पहले महात्मा गांधी का समाधि स्थल राजघाट बनाया गया। इसके बाद समय समय पर यहां समाधियां बनती रही हैं। यहां पूर्व राष्ट्रपति डा शंकर दयाल शर्मा की समाधि स्थल कर्मभूमि, ज्ञानी जैल सिंह की समाधि स्थल एकता भूमि, केआर नारायणन की समाधि स्थल उदय भूमि व आर वेंकटरमन की समाधि स्थल है। पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू व संजय गांधी का समाधि स्थल शांति वन, विजय घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री व उनकी पत्नी की समाधि है। शक्ति स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व वीर भूमि पर राजीव गांधी की समाधि है। किसान घाट पूर्व प्रधानमंत्री चौ.चरण सिंह व संघर्ष स्थल चौधरी देवीलाल तथा समता स्थल बाबू जगजीवन राम की समाधि स्थल है। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की समाधि स्थल को स्मृति स्थल के रूप में जाना जाता है।
राजघाट और शांति वन क्रॉसिंग पर रिंग रोड होगी जाम मुक्त
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