नई दिल्ली: दिल्ली और हरियाणा में 20 से अधिक आपराधिक मामलों में वांछित कुख्यात बदमाश रवींद्र देसवाल को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। रवींद्र अंतरराज्यीय गैंग्स्टर कृष्ण गाटा गिरोह के लिए शूटर के तौर पर काम करता था। यह गिरोह दिल्ली-हरियाणा में लूटपाट और डकैती की कई वारदातों में शामिल रहा है। बदमाश बीते दो साल से गिरफ्तारी से बच रहा था और अलग-अलग अदालतों द्वारा उसे कई मामलों में भगोड़ा घोषित किया जा चुका था।
डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा ने बताया कि गिरोह का सरगना कृष्ण गाटा गोहाना, सोनीपत (हरियाणा) का रहने वाला है, जबकि गिरफ्तार बदमाश रवींद्र देसवाल उर्फ छोटा रोहतक, हरियाणा का निवासी है। ऑपरेशन कवच 12.0 के तहत फरार गैंग्स्टरों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि 20 से अधिक मामलों में वांछित रवींद्र देसवाल दिल्ली-एनसीआर में छिपा हुआ है।
सूचना के आधार पर एसीपी भगवती प्रसाद और इंस्पेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जांच में सामने आया कि रवींद्र दिल्ली और हरियाणा के कुल 20 आपराधिक मामलों में शामिल है। उसे तीन मामलों में भगोड़ा अपराधी घोषित किया जा चुका है, जबकि दो मामलों में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हैं। वर्ष 2018 में सीआईए सोनीपत ने उसे उसके 11 अन्य साथियों के साथ 32 लाख रुपये की डकैती के मामले में गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार, रवींद्र दो साल पहले जेल से बाहर आया था, लेकिन जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते हुए फरार हो गया। फरारी के दौरान वह गुरुग्राम में छिपकर टोल प्लाजा पर काम कर रहा था। पुलिस टीम ने गुरुग्राम, सोनीपत और रोहतक में करीब 25 ठिकानों की जांच की और तकनीकी सर्विलांस के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। अंतत: 24 जनवरी को उसे द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित एक टोल प्लाजा के पास से दबोच लिया गया।
पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर मोबाइल फोन इस्तेमाल करता था और लगातार ठिकाने बदलता रहता था। वर्ष 2018 में रवींद्र देसवाल ने हरिनगर निवासी सुनील गुप्ता का अपहरण कर उनकी होंडा सिविक कार लूट ली थी। बदमाशों ने उनसे 50 हजार रुपये नकद और एटीएम से 40 हजार रुपये निकलवाने के बाद मुरादनगर, उत्तर प्रदेश में छोड़ दिया था।

