पालिका परिषद कर रही है तैयारी
नई दिल्ली: आवारा कुत्तों के मामले सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशानुसार नगर निकाय अपने स्तर पर आवारा कुत्तों से निपटने के लिए कार्य योजना तैयार कर रही है। सड़कों, गलियों तथा अन्य जगह से आवारा कुत्तों को उठाकर डॉग शेल्टर में रखने के लिए नई दिल्ली पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने तयबद्ध योजना के तहत कार्य शुरू किया है। एनडीएमसी ने मोती बाग के पुराने पशु चिकित्सा अस्पताल में डॉग शेल्टर बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए एनडीएमसी द्वारा टेंडर निकाला गया है। निर्माणधीन डॉग शेल्टर 700 आवारा कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी। यह पहला डॉग शेल्टर भी होगा, जिसमें आवारा कुत्तों के इलाज के लिए एक ऑपरेशन थियेटर भी होगा। साथ ही इसमें नसबंदी केंद्र भी संचालित होगा। एनडीएमसी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एनडीएमसी 30 आवारा कुत्तों को रखने के लिए प्राथमिक डॉग शेल्टर मोती बाग में ही तैयार किया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि अस्पताल, स्कूल, स्टेडियम से आवारा कुत्तों को उठाकर शेल्टर में रखना है। इसके लिए हम आधुनिक डॉग शेल्टर तैयार कर रहे हैं, जिसमें न केवल आवारा कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी। बल्कि खूंखार कुत्तों को अलग रखने की व्यवस्था होगी। वहीं, रेबीज ग्रस्त कुत्तों को रखने की भी अलग व्यवस्था होगी। मोती बाग में एनडीएमसी का पुराना पशु अस्पताल हैं, जिसके पीछे खाली स्थान पर इसे बनाया जाएगा। डॉग शेल्टर ऐसा बनाया जाएगा, जिसमें कुत्ते असहज महसूस न करें। इसलिए शेल्टर में फीडिंग प्वाइंट भी होगा तो वहीं, एक ऐसा स्थान भी होगा जो कुत्ते आपस में मिल सकें।
57 लाख रुपए की लागत से बनेगा डज्ञॅग शेल्टर
पालिका परिषद के अनुसार57 लाख रुपए की लागत से यह डॉग शेल्टर बनकर तैयार हो जाएगा। इससे बनाने के लिए तीन माह का समय दिया गया है। जैसे ही निविदा आ जाएगी। इसकी तकनीकी परक करने के बाद सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी लेकर इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि एनडीएमसी ने अभी इस पर निर्णय नहीं लिया है कि यह डॉग शेल्टर वह स्वयं संचालित करेगी या किसी स्वयंसेवी संस्था को देगी। अधिकारी ने बताया कि इसमें 300 कैनल होगी जबकि शेल्टर के चारों ओर 20 फिट ऊंची जालियां भी लगेगी, जिसके की कुत्तें भाग न सके। वहीं, एक ऐसा इलाका बनाया जाएगा जिससे विशेषज्ञ भी बाहर से इस शेल्टर का निरीक्षण कर सकेंगे।

