केशोपुर, हैदरपुर, पंजाबी बाग, पीतमपुरा, शालीमार बाग व रोहिणी इलाके को मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत
नई दिल्ली: दिल्ली के सबसे व्यस्त यातायात सड़कों में से एक आउटर रिंग रोड को जाम से निजात दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने केशोपुर डिपो के पास स्थित आईएफसी सप्लीमेंट्री ड्रेन से हैदरपुर तक नए फ्लाईओवर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित फ्लाईओवर से केशोपुर, हैदरपुर, पंजाबी बाग, पीतमपुरा, शालीमार बाग, रोहिणी और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के आसपास के इलाकों के लाखों यात्रियों को सीधी राहत मिलेगी, जो लंबे समय से पीक ऑवर्स में भारी ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे हैं।यह परियोजना आउटर रिंग रोड पर मौजूद प्रमुख बॉटलनेक्स को दूर करने, जिलों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने और रोजाना ऑफिस जाने वाले लोगों, सार्वजनिक परिवहन, वाणिज्यिक वाहनों और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इस परियोजना के लिए विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन के लिए कंसल्टेंसी सेवाओं को मंजूरी दे दी है। इस अध्ययन में ट्रैफिक वॉल्यूम, इंजीनियरिंग डिजाइन, पर्यावरणीय प्रभाव और दीर्घकालिक स्थिरता जैसे सभी पहलुओं का गहन मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि परियोजना भविष्य की जरूरतों के अनुरूप और बिना किसी देरी के क्रियान्वित हो सके। दिल्ली के लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यह फ्लाईओवर दिल्ली के उन लाखों नागरिकों की रोजमर्रा की परेशानियों को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध किया जा रहा है, जो वर्षों से ट्रैफिक जाम झेल रहे हैं। केशोपुर, हैदरपुर, पंजाबी बाग, पीतमपुरा, शालीमार बाग और पूरी रोहिणी बेल्ट पर भारी ट्रैफिक का दबाव है। उन्होंने कहा किअब अधूरी और जल्दबाजी में बनाई गई परियोजनाओं का दौर खत्म हो चुका है। आउटर रिंग रोड से जुड़ा हर बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तकनीकी मजबूती, पारदर्शिता और सख्त समयसीमा के आधार पर ही आगे बढ़ेगा, ताकि दिल्ली को अस्थायी नहीं, स्थायी राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि व्यवहार्यता अध्ययन पूरा होने के बाद परियोजना पर तेजी से काम होगा।

