नई दिल्ली: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के संयोजक व पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के इशारे पर ही आप दिल्ली इकाई के अध्यक्ष ने बाबा साहेब अंबेडकर के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला बयान दिया है। आप नेता का बयान न केवल अंबेडकर का बल्कि उनके बनाए संविधान के साथ ही संपूर्ण अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाजों का अपमान है।
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली भाजपा मांग करती है कि आम आदमी पार्टी तुरंत आप के दिल्ली अध्यक्ष को पदमुक्त करे और देश के अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज से माफी मांगे।
आप दिल्ली अध्यक्ष के मंगलवार के बयान को भी सचदेवा ने पढ़ा। उन्होंने दावा किया कि आप नेता ने अपने बयान में कहा था कि “यहां तक कि राष्ट्रपति के पद पर भी ढूंढ़-ढूंढ कर ऐसे लोग बिठाए, जिनके सामने मोदी एकमात्र बड़े नेता दिखें।
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि जब एनडीए शासन में आया तब डॉ. प्रणव मुखर्जी राष्ट्रपति थे, जिनसे सरकार के मधुर संबंध रहे और उसके बाद एनडीए सरकार ने संविधान रचियता भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की भावनाओं का सम्मान करते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से आने वाले डॉ. रामनाथ कोविंद एवं द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद पर आसीन करवाया।
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि सभी जानते हैं कि हार से हताश आम आदमी पार्टी के दिल्ली इकाई के अध्यक्ष रोज कुछ न कुछ बोलकर खबरों में बना रहना चाहते हैं। इसी क्रम में मंगलवार को भी आप नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत भाषण प टिप्पणी की थी। यूं तो टिप्पणी में पूरा प्रेस बयान ही निंदनीय है पर भाजपा आप नेता के प्रेस वक्तव्य की अंतिम लाइन पर कड़ी आपत्ति दर्ज करती है। सचदेवा ने कहा कि अंतिम लाइन में आप नेता ने एनडीए सरकार के कार्यकाल में बने दोनों राष्ट्रपति की नियुक्ति पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। सचदेवा ने कहा कि भाजपा मांग करती है कि आम आदमी पार्टी तुरंत आप दिल्ली अध्यक्ष को पदमुक्त करे और देश के अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज से माफी मांगे।

