जजों पर टिप्पणी और सोशल मीडिया पर गाली-गलौज निंदनीय
नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने कहा कि रेजिडेंशियल कॉलोनियों और पब्लिक पार्कों में भी आवारा कुत्तों पर प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वालों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसके लिए आरडब्ल्यूए से आगे आने की गोयल ने अपील की।
आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर आंदोलन चला रहे विजय गोयल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मेनका गांधी सहित उन लोगों के बयानों पर भी संज्ञान लिया है, जो अनावश्यक रूप से सुप्रीम कोर्ट के जजों पर आवारा कुत्तों के मुद्दे को लेकर टिप्पणियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जजों पर टिप्पणी और सोशल मीडिया पर गाली-गलौज निंदनीय है।
गोयल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, स्पोर्ट्स स्टेडियम और सरकारी संस्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश देकर एक सही और सराहनीय कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को चाहिए कि रेजिडेंशियल कॉलोनियों और सोसाइटी परिसरों में भी आवारा कुत्तों के रहने और उन्हें खिलाने पर प्रतिबंध लगाया जाए, क्योंकि आवारा कुत्तों के काटने की सबसे अधिक घटनाएं इन्हीं क्षेत्रों से सामने आ रही हैं।
गोयल ने कहा कि पब्लिक पार्कों से आवारा कुत्तों को हटाया जाना चाहिए, क्योंकि गरीब लोगों के लिए पब्लिक पार्क ही स्पोर्ट्स स्टेडियम होते हैं। कॉलोनियों के बच्चे कुत्तों के डर से पार्कों में खेलना छोड़ चुके हैं।

