देहरादून। पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार द्वारा पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में एसडीआरएफ के कार्यों की समीक्षा की गयी, जिसमें अमित सिन्हा, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन, पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ रिधिम अग्रवाल, मणीकान्त मिश्रा, सेनानायक एसडीआरएफ सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ रिधिम अग्रवाल द्वारा एसडीआरएफ की जनशक्ति, उपलब्ध उपकरणों, चुनौतियों एवं भविष्य की कार्य योजना पर प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रकाश डाला गया। अमित सिन्हा, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन द्वारा टीम की क्षमता को बढ़ाते हुए इन्हें उच्च प्रशिक्षण प्रदान कराया जाएगा। आपदा में ड्रोन की अहम भूमिका रहती है। इसलिए एसडीआरएफ के मूलभूत प्रशिक्षण में ड्रोन प्रशिक्षण को भी सम्मिलित किया जाए।समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक द्वारा किसी भी आपदा में रिसपोंस टाइम को सुधारने, दक्षता बढ़ाने आदि विषयों पर डीजीपी ने दिशा-निर्देश दिये। इनमें कुमाऊँ परिक्षेत्र में एसडीआरएफ की नई बटालियन खोले जाने पर विचार किया गया। होमगार्ड के जवानों को भी आपदा प्रबन्धन एवं अन्य आवश्यक प्रशिक्षण कराकर एसडीआरएफ में तैनात किया जाए।
जल पुलिस एवं बाढ़ राहत पीएसी दल का एसडीआरएफ में विलय किया जाएगा, जिससे वाटर रेस्क्यू में एसडीआरएफ की कार्यदक्षता में अभिवृद्वि होगी। एसडीआरएफ को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। राहत एवं बचाव कार्य हेतु अत्याधुनिक उपकरणों को क्रय करने के सम्बन्ध में भी निर्णय लिये गये। हाई एल्टीट्यूड रिस्क्यू ऑपरेशन में दक्षता बढ़ाने के लिए हेली स्लाइदरिंग प्रशिक्षण कराया जाए।