नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट में आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने संजय सिंह की अर्ज़ी का विरोध किया। ईडी ने कहा कि संजय सिंह न्यायिक हिरासत में हैं, ऐसे में संजय सिंह की याचिका पर सुनवाई का अब कोई औचित्य नहीं रह गया है। ईडी ने अपनी दलील में आगे यह भी कहा कि गिरफ्तारी से संजय सिंह के किसी मूल अधिकार का हनन नहीं हुआ है। संजय सिंह पर सीधे तौर पर रिश्वत की रकम लेने का मामला बनता है। ईडी की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने संजय सिंह की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। इससे पहले संजय सिंह की याचिका पर 17 अक्टूबर को सुनवाई हुई थी। संजय ने कोर्ट से कहा था कि सत्ता का दुरुपयोग करके मुझे गिरफ्तार किया गया है। मनी लॉन्ड्रिंग कानून उत्पीड़न का साधन नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि ईडी ने मामले में मुझे एक भी समन जारी नहीं किया। चार अक्टूबर को मेरे घर पहुंची और तलाशी लेकर अचानक गिरफ्तार कर लिया।संजय सिंह के अधिवक्ता विक्रम चौधरी ने दलील दी कि उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी अवैध, दुभार्वना से प्रेरित तथा सत्ता के दुरूपयोग का उदाहरण है। इसलिए ईडी की हिरासत में भेजने के निचली अदालत के आदेश को दरकिनार किया जाना चाहिए। चौधरी ने आगे कहा धनशोधन रोकथाम अधिनियम उत्पीड़न का औजार नहीं हो सकता है। अगर ऐसी छूट दी जाती है तो कोई सुरक्षित नहीं है। यह सत्ता के दुरुपयोग का साफ उदाहरण है।